Satya Ke Dastavej (सत्य के दस्तावेज़)
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- ISBN: 9789389012033
- Binding: Hardcover
- BISAC Subject(s): Novel
- Publisher: Vani Prakashan
- Publisher Imprint: Vani Prakashan
- Release Year: 2019
- Pages: 208
- Original Price:Rs. 299.00
- Language: Hindi
महान विचारक और दार्शनिक रोमाँ रोलाँ का कहना है, अपने जीवन में ईसा को भी वह सम्मान नहीं मिल पाया था जो गाँधी को मिला। लेकिन रोमा रोला ने जिस समय इस पंक्ति को लिखा था, उस समय तक गाँधी की हत्या भी ईसा की तरह नहीं कर दी गयी थी। कुछ बौद्धिकों का मत है गाँधी का जन्म दो सौ साल पहले हो गया था, इसी से नफ़रत में जीने और मरने वाली जमात ने उनकी जान ले ली। तो क्या गाँधी को समझने में हमें भी दो सौ साल लग जायेंगे? सत्य, अहिंसा, प्रेम, ब्रह्मचर्य, अध्यात्म, शान्ति और मानवता के सच्चे पुजारी गाँधी के दर्शन को एक दिन दुनिया समझ पायेगी? दुनिया तो शायद धीरे-धीरे समझ रही है तभी तो गाँधी के विचारों को, उनके द्वारा प्रतिपादित एवं आचरित जीवन-मूल्यों को, आर्थिक-सामाजिक विकास और सन्तुलन सम्बन्धी उनके द्वारा प्रतिपादित मानदण्डों को मानवता को संरक्षित करने के एकमात्र विकल्प के रूप में देख रही है। यह पुस्तक जनमानस, ख़ासकर युवा पीढ़ी में व्याप्त-परिव्याप्त भ्रान्तियों को अनावृत करने का विनम्र प्रयास है। इस प्रयास को रोचक बनाने हेतु इसे नाटक विधा में अदालती कार्यवाही के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गाँधी इस नाटक के मुख्य पात्र हैं जिन्हें एक अभियुक्त बनाकर कठघरे में खड़ा किया गया है।
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