Naam Charcha (नाम चर्चा)
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- ISBN: 9789350729045
- Binding: Hardcover
- BISAC Subject(s): Hindi
- Publisher: Vani Prakashan
- Publisher Imprint: Vani Prakashan
- Release Year: 2015
- Pages: 232
- Original Price:Rs. 195.00
- Language: Hindi
"""व्यंग्य वह है, जहाँ कहने वाला अघरोष्ठ में हँस रहा हो और सुनने वाला तिलमिला उठा ये और फिर भी कहने वाले को जवाब देना अपने को और भी उपहासास्पद बना लेना हो जाता हो।""
- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
""आक्रमण करने की दृष्टि से वस्तुस्थिति को विकृत कर उससे हास्य उत्पन्न करना ही व्यंग्य है।""
- डॉ. रामकुमार वर्मा
“मेरे लिए व्यंग्य कोई पोज या अन्दाज या लटका या बौद्धिक व्यायाम नहीं, एक आवश्यक अस्त्र है।""
- डॉ. प्रभाकर माचवे
""व्यंग्य जीवन से साक्षात्कार करता है, जीवन की आलोचना करता है, विसंगतियों-मिध्याचारों और पाखंडों का पर्दाफाश करता है।""
- हरिशंकर परसाई
""सेंस ऑफ ह्यूमर ही अन्याय, अत्याचार और निराशा के विरुद्ध होने से व्यंग्य में अभिव्यक्त होता है।""
- शरद जोशी
""समाज की कुरीतियों का भंडाफोड़ करने का कार्य प्रमुखतः व्यंग्य द्वारा ही हो सकता है। यदि उसमें हास्य भी समाविष्ट हो जाए तो रंग और भी तेज हो जाएगा।""
- रवीन्द्रनाथ त्यागी
“मैंने व्यंग्य को आधुनिक जीवन और आधुनिक लेखन के एक अभिन्न अस्त्र और एक अनिवार्य शर्त के रूप में पाया है।""
- श्रीलाल शुक्ल"
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