Mum'bhai' Returns (मुं'भाई' रिटर्न्स )
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- ISBN: 9789352294343
- Binding: Hardcover
- BISAC Subject(s): Religion & Spirituality
- Publisher: Vani Prakashan
- Publisher Imprint: Vani Prakashan
- Release Year: 2016
- Pages: 3600
- Original Price:Rs. 350.00
- Language: Hindi
"मुम्बई माफिया पर पहली पुस्तक यानी इस किताब का पहला खंड “मुं‘भाई' "" आपने पढ़ा होगा तो निश्चित तौर पर समझ चुके होंगे कि मुम्बई माफिया कितना ख़तरनाक, दुरूह, कठिन और अजाना है। मुं'भाई' में आपके सामने ढेरों राज़ फाश किये थे। दूसरा खंड मुं'भाई' रिटर्न्स आपके हाथों में है।
ख़बरों के आगे बढ़ कर कुछ ऐसी सामग्री परोसने की ज़िद ने मुं‘भाई' रिटर्न्स भी साथ ही तैयार करवाया । तीसरे खंड मुं'भाई' रीगेन की तैयारी है। चन्द दिनों में आप तक पहुँचाने का प्रयास होगा। आपके संग्रह के लिए कितनी यह उपयोगी साबित हुई, आप ही बेहतर बता सकेंगे। रक्तजीवी प्रेतों के कुछ और अछूते रहस्यों तक पहुँचने की जद्दोजहद में गुंडों के उन नामों की कहानियाँ सहेजी हैं, जिनसे वे पहचाने जाते हैं। परिवार के दिये नाम अमूमन ऐसे ओझल होते हैं कि किसी को याद ही नहीं रहते।
मुं 'भाई' रिटर्न्स में आपको मिलेंगे ऐसी महिलाओं और बारबालाओं के क़िस्से, जिन्होंने भूमिगत संसार को अपनी ख़ूबसूरती, चालाकी व क्रूरता से बदल कर रख दिया। इनमें से कुछ देहजीवाएँ थीं, कुछ पारिवारिक। किसी न किसी कारण से इस खेल का वे भी हिस्सा बन चलीं।
मुं 'भाई' रिटर्न्स में छोटा राजन के देशभक्ति के शंखनाद के साथ बमकांड आरोपियों को गोलियों से उड़ाने के क़िस्से हैं, तो दाऊद इब्राहिम-छोटा शकील द्वारा शिवसेना नेताओं को चुन-चुन कर रक्तस्नान करवाने के दिल दहलाते क़िस्से भी हैं।
मुं'भाई' रिटर्न्स में गिरोहों के हथियारों की ख़रीद-फरोख़्त, तस्करी से उनके इस्तेमाल तक की पूरी जानकारियाँ हैं, तो कैसी-कैसी अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण वे उपयोग में लाते हैं, उसकी भी तफसील है
पुलिस मुठभेड़ों ने कैसे रक्तपिपासु प्रेतों के तांडव पर रोक लगाई, कैसे मुठभेड़ों ने पुलिस का इतिहास ही बदल दिया, सब कुछ है। टाडा जैसे सख़्त क़ानून के चलते माफिया की कैसे कमर टूटी, उसकी आंकड़ों समेत तफसील है। कैसे वे पुलिस की समझ में न आने वाली कूट भाषा गढ़ते हैं, उसका पूरा सिलसिला है। और हाँ, यह सब समझने के लिए गिरोहबाजों, प्यादों, ख़बरियों में प्रचलित शब्दों व मुहावरों का पूरा जख़ीरा अन्त में है ही।
मुं‘भाई’ रिटर्न्स अंडरवर्ल्ड शृंखला की दूसरी किताब है। इसकी तीसरी पुस्तक मुं'भाई' रीगेन का इन्तज़ार अधिक दिनों तक नहीं करना होगा, वह भी बस आने ही वाली है ।"
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