Jeevan Aur Rasayan Vigyan (जीवन और रसायन विज्ञान)

Jeevan Aur Rasayan Vigyan (जीवन और रसायन विज्ञान)

by Aandita Roy (आनन्दिता राय)

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  • ISBN: 9789350007440
  • Binding: Paperback
  • BISAC Subject(s): Reference
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Release Year: 2011
  • Pages: 100
  • Original Price:Rs. 750.00
  • Language: Hindi
"भूमिका ‘लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश’ का यह दूसरा खंड ‘जीवन और रसायन विज्ञान’ शीर्षक से आपके सम्मुख है। विज्ञान के अध्ययन के अन्तर्गत, रसायन विज्ञान की जो प्रमुख पहचान बनी है, उसका एक प्रमुख कारण मानव जीवन से रसायन विज्ञान का अभिन्न संबंध होना है। पानी, नमक तथा ऐसी अनेक वस्तुएँ हैं, जो पृथ्वी पर मानव जीवन की अनिवार्य शर्त है। हम उनका दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं, लेकिन उनके स्वभाव, उनके घटक तत्वों और उनकी शुद्धता-अशुद्धता के बारे में लगभग कुछ नहीं जानते। इसका कारण है जीवन के प्रति हमारा अवैज्ञानिक नजरिया। 'लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश का बुनियादी उद्देश्य सर्व-साधारण में वैज्ञानिक चेतना और जीवन के प्रति वैज्ञानिक नजरिया विकसित करना है। कोई भी विषय हो, उसके दो स्तर होते हैं एक विशेषज्ञों के लिए, दूसरा सर्वसाधारण के लिए। दूसरी श्रेणी में विशेषज्ञों वाला पहले स्तर की पाठ्यपुस्तकीय कहा जाता है। प्रत्येक विषय को लोकोपयोगी बनाने और उसका सतत विकास करने के लिए विशेषज्ञों की भूमिका निर्विवाद है, किंतु वहीं लोक के बीच उसे प्रतिष्ठित करने, लोक द्वारा उसे अंगीकार करने के लिए यह भी आवश्यक है कि विषय की कुछ ऐसी व्याख्याएँ की जाएँ, ऐसी पाठ्यसामग्री तैयार की जाए, जो विशेषज्ञों वाली दुरुहता से एक सीढ़ी नीचे उतरकर, सभी आयुवर्ग के सामान्य लोगों की समझ और रुचि के अनुरूप रोचक-मनोरंजक शैली में उस विषय का परिचय दें और यह समझ भी विकसित करें कि उक्त विषय का सामान्य लोगों के जीवन में क्या महत्व है, और उसका अध्ययन उनके जीवन को किस प्रकार उपयोगी और सार्थक हो सकता है। लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश' की योजना और रूपरेखा इसी दृष्टिकोण को सामने रख कर विकसित की गई है। सात खंडों में नियोजित और विज्ञान के अध्ययन की विभिन्न शाखाओं-उपशाखाओं को क्रमिक रूप में वर्गीकृत करके इसे सभी आयु वर्ग के सामान्य रुचि के पाठकों की ग्रहणशीलता के अनुरूप बनाया गया है। सरल-सुबोध भाषा और किस्सागोई बाली रोचक शैली में संबंधित विषय को प्रस्तुत करते हुए इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि कहीं से भी दुरुहता न आने पाए। विषय को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए यथास्थान चित्रों और तालिकाओं का उपयोग भी किया गया है। 'लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश के सभी खंडों के लेखक, अनुवादक और संपादक अपने विषय के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ विद्वान हैं। विज्ञान की विविध शाखाओं को समर्पित यह लोकोपयोगी विश्वकोश, खासतौर से उसका यह खंड, आपको कैसा लगा, यह हम जानना चाहेंगे, ताकि अगले संस्करणों में इसे और अधिक निखारने में आपके सुझावों का हम उपयोग कर सकें। - प्रकाशक"

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