Hindi Uchcharan Kosh (हिन्दी उच्चारण कोश)

Hindi Uchcharan Kosh (हिन्दी उच्चारण कोश)

by Edited by Dr. Bholanath Tiwari (सम्पादक : डॉ. भोलानाथ तिवारी)

Ships in 1-2 Days

Choose a Book cover type:

Secure Payment Methods at Checkout

Visa Mastercard Google Pay PayPal UPI American Express ...50+
  • ISBN: 9789350008867
  • Binding: Paperback
  • BISAC Subject(s): Fiction
  • Publisher: Vani Prakashan (Akriti Prakashan)
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Release Year: 2023
  • Pages: 16
  • Original Price:Rs. 899.00
  • Language: Hindi
आज से लगभग बाईस वर्ष पहले जब में ताशकंद में हिन्दी का विजिटिंग प्रोफेसर था. तभी सबसे पहले हिन्दी उच्चारण कोश बनाने की बात मेरे मन में आई। अन्त में 197 में यह काम आरम्भ हुआ, किन्तु 1978 में दिल्ली की भयंकर बाढ़ में उसका काफी कुछ भाग नष्ट हो गया। बाद में मेरे प्रिय शिष्य कृष्णलाल अरोड़ा के सहयोग से इसका पहला प्रारूप बना। आगे चलकर मेरी बेटी मुकुल प्रियदर्शिनी ने इसके अन्तिम प्रारूप में मेरी सहायता की। उसके बाद भी विभिन्न प्रकार के मानक-अमानक उच्चारण, बलाघात तथा अक्षर-विभाजन आदि की दृष्टि से कम-से-कम तीन बार मैंने इसे अत्यन्त सावधानी से आद्यंत देखा तथा इसमें काफी संशोधन और परिवर्तन किए। वस्तुतः समस्या यह रही है कि हिन्दी का उच्चारण अभी तक अपना मानक रूप नहीं ले सका है। यो मैंने कोशिश अवश्य की है कि विभिन्न प्रकार के उच्चारणों में जो उच्चारण अपेक्षाकृत अधिक लोगों द्वारा प्रयुक्त हो रहा है और जिसे शिक्षित लोगों का भी समर्थन प्राप्त है, उसे में कई उच्चारणों में पहला स्थान हूँ, यद्यपि जो कुछ मैंने दिया है, उसमे मतभेद की पूरी गुंजाइश है। अक्षर-विभाजन तथा बलाघात के सम्बन्ध में भी मतभेद की गुंजाइश कम नहीं है। यो अक्षर-विभाजन पर तो बहुत कम लोगों ने विचार किया है, किन्तु शब्द स्तर पर बलाघात पर कई लोगों ने काम किया है और प्रायः सभी में कभी कम कभी ज्यादा मतभेद है। हिन्दी के कई प्रकार के उच्चारणों (जैसे ह्रस्व और अनुनासिक ए, ओ) को संकेतित करने के लिए हिन्दी तथा रोमन में टाइपों का अभाव है, इसीलिए कुछ ऐसी ग़लतियाँ कोश में रह गई है जिनको दूर कर पाना मेरे लिए संभव नहीं था । मुझे प्रसन्नता है कि यह कोश जिन लोगों के लिए सम्पादित किया गया है. उनके हाथों में पहुंच रहा है। इस कार्य में कृष्णलाल अरोड़ा तथा मुकुल प्रियदर्शिनी को सहयोग के लिए धन्यवाद देना या उनका आभार मानना तो बहुत शोभन नहीं लगता एक मेरे शिष्य हैं और दूसरी मेरी बेटी । वस्तुतः दोनों ही मेरे आशीर्वाद के अधिकारी हैं। - भोलानाथ तिवारी

Author information not available.

Trusted for over 24 years

Trusted for over 24 years

Family Owned Company

Secure Payment

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Need Support?

Whatsapp Us

Bestselling

View All
Goutam Biswas
₹178 ₹200 (- 11 %)
B.S. Hari Shankar
₹623 ₹700 (- 11 %)
Sushil Kumar Srivastava
₹456 ₹495 (- 7 %)
Neeta Yadav
₹1602 ₹1800 (- 11 %)
Prabodh Kumar Mishra
₹428 ₹480 (- 10 %)
Dilip K. Chakrabarti
₹979 ₹1100 (- 11 %)
Naresh Kumar
₹1335 ₹1500 (- 11 %)
Sujata Miri, Karilemla
₹557 ₹625 (- 10 %)
Alka Tyagi
₹579 ₹650 (- 10 %)
Marta Vannucci
₹579 ₹650 (- 10 %)
G.P. Singh
₹890 ₹1000 (- 11 %)
Charles J. Naegele
₹445 ₹500 (- 11 %)