Brand Modi Ka Tilism Badlav Ki Banagi (ब्रांड मोदी का तिलिस्म बदलाव की बानगी)
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- ISBN: 9789352295296
- Binding: Paperback
- BISAC Subject(s): Fiction & Fiction
- Publisher: Vani Prakashan
- Publisher Imprint: Vani Prakashan
- Release Year: 2016
- Pages: 192
- Original Price:Rs. 325.00
- Language: Hindi
"‘ब्रांड मोदी का तिलिस्म' लोकसभा चुनाव 214 से लेकर दिल्ली और बिहार के विधानसभा चुनावों के दौरान देश में ऐतिहासिक सियासी बदलावों, उनके रंग-ढंग, तौर-तरीकों के साथ जीत और हार के हर छुए-अनछुए पहलू पर ऑकड़ों और घटनाओं के गहन विश्लेषण से कुछ नयी सच्चाइयों की ओर ले जाती है। 214 के लोकसभा चुनाव में मोदी की जीत क्यों हुई, क्या मुख्य वजहें थीं। क्या वजह है बिहार और दिल्ली में मोदी का जादू काफूर हो गया? सियासत की डगर आगे कैसे चलेगी, क्या विधानसभा चुनाव के नतीजों को जरूरत से ज्यादा पड़ने की कोशिश हो रही है। क्या विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी मोदी का जादू बरकरार है-इसका भी आकलन करने की कोशिश की गयी है। मोदी फिनोमिना पर तो कई किताबें हैं मगर धरातल पर क्या बदलाव हुए, किन तरीकों से मोदी का जादू कायम हुआ और कैसे टूटने लगा, यह शायद ही कोई किताब ढंग से आँकड़ों और पिछले इतिहास से तुलना कर बताती है। इस मामले में यह किताब उपयोगी हो सकती है। इसी वजह से कई जानेमाने विद्वान इससे काफी प्रभावित हुए। मसलन फ्रांसीसी समाज और राजनीति विज्ञानी क्रिस्टॉफ जैफरले, अमेरिका में राजनीति शास्त्र और समाज विज्ञान के प्रोफेसर आशुतोष वाष्र्णेय, राजनीतिक विश्लेषक योगेन्द्र यादव और पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू काफी प्रभावित हैं। लेखक इस निर्णय पर पहुंचते हैं कि यह जीत मोदी की थी लेकिन भाजपा के जनाधार के बिना सम्भव नहीं था। मोदी नहीं होते तो शायद भाजपा 2 सीटों के करीब भी नहीं पहुँच पाती। लेखक जीत के कई पहलू पर जोर देते हैं-मसलन मजबूत और निर्णायक नेता की जनआकांक्षा, हिन्दू हृदय सम्राट होने का फायदा, मोदी की पिछड़ी जाति का होना, यूपीए-2 सरकार के भ्रष्टाचार, आर्थिक बदहाली और नाकामी के खिलाफ भारी नाराजगी, सपनों की फुलझड़ी, हिन्दू-मुस्लिम वोटरों का ध्रुवीकरण, मीडिया का बेहतर मैनेजमेंट और मध्यम वर्ग की बेचैनी लेकिन जैसे ही सामाजिक समीकरण में बदलाव हुए और सपनों के जादू टूटने लगे तो नतीजे भी पलटने लगे। क्या यह बदलाव की बानगी विकास के मॉडलों की टकराहट है।
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