Bharat Ki Sarawat Sadhana (भारत की सारस्वत साधना)
Ships in 1-2 Days
Choose a Book cover type:
Secure Payment Methods at Checkout
- ISBN: 9789369443093
- Binding: Paperback
- BISAC Subject(s): Fiction
- Publisher: Vani Prakashan(Freedom Books)
- Publisher Imprint: Vani Prakashan
- Release Year: 2026
- Pages: 16
- Original Price:Rs. 1,500.00
- Language: Hindi
आचार्य राधावल्लभ त्रिपाठी का बृहद ग्रन्थ भारत की सारस्वत साधना उस आवश्यकता को पूरा करता है जो हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रासंगिकता की कसौटी पर कसने से जुड़ी है। इनमें अधिकतर लेख आचार्य त्रिपाठी ने ‘प्रतिमान’ के लिए लिखे थे। जब इस सामग्री को पुस्तक के रूप में लाने की बात चली तो उन्होंने नौ विमर्शकारों पर नये लेख तैयार किये ताकि भारतीय ज्ञान-परम्परा में पिछले तीन हज़ार साल के इन महारथियों के प्रतिनिधित्व में कुछ छूट न जाये। इस तरह उन्होंने ईसापूर्व 1 से लेकर बीसवीं सदी तक की इस अक्षुण्ण परम्परा के वाहकों के विमर्शी चित्र उपस्थित कर दिये।
इसमें कोई शक नहीं कि उपनिवेशवाद के ज्ञानात्मक अत्याचार के कारण हमारे पारम्परिक ज्ञान के नवीकरण की प्रक्रिया और उसकी गतिशीलता बहुत सीमित हो गयी है। आचार्य त्रिपाठी का यह भगीरथ प्रयास इसी भरपाई
की शुरुआत है। दरअसल, युरोपीय साम्राज्यवाद का ज्ञानात्मक दुष्चक्र अकल्पनीय रूप से जटिल था। गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक ने इसीलिए इसे ‘सीक्रेट एजेंट ऑफ़ नॉलेज’ की संज्ञा दी है। इसकी पेचीदगियों को समझने और पश्चिमी सामाजिक सिद्धान्त के समान्तर देशज विमर्श की मदद से एक नया विमर्श रचने का कार्यभार बहुत बड़े पैमाने पर एक दीर्घकालीन बौद्धिक रूपान्तरण की माँग करता है।
आज का कड़वा बौद्धिक यथार्थ यही है कि भारतीय ज्ञान-परम्परा का ज़िक्र हमारे मन में सिर्फ़ गुदगुदी पैदा करके रह जाता है, लेकिन अतीत की यह समृद्धि हमारे वर्तमान में अनूदित नहीं हो पाती। आचार्य त्रिपाठी की यह कृति हमें निमन्त्रण देती है कि एक सुनियोजित, संसाधनसम्पन्न, श्रमसाध्य और दीर्घकालीन अनुसन्धान परियोजना चलाये बिना भारतीय ज्ञान-परम्परा के आलोक में हम अपने भविष्य को परिकल्पित नहीं कर सकते।
Author information not available.
Trusted for over 24 years
Family Owned Company
Secure Payment
All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted
New & Authentic Products
India's Largest Distributor
Need Support?
Whatsapp Us
Bestselling
View All
₹178
₹200
(-
11
%)
₹623
₹700
(-
11
%)
₹456
₹495
(-
7
%)
₹1602
₹1800
(-
11
%)
₹428
₹480
(-
10
%)
₹979
₹1100
(-
11
%)
₹1335
₹1500
(-
11
%)
₹557
₹625
(-
10
%)
₹579
₹650
(-
10
%)
₹579
₹650
(-
10
%)
₹890
₹1000
(-
11
%)
₹445
₹500
(-
11
%)